लुधियाना/फगवाड़ा (शिव कौड़ा) : हरियावल पंजाब के प्रांत संयोजक रामगोपाल ने बताया कि पर्यावरण जैसे जवळन्त मुद्दे को लेकर सांसद में देशभर के युवा जुटेंगे चुंकि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में पर्यावरण एक ऐसा ज्वलंत मुद्दा है, जिसके बारे में विमर्श और भविष्य की रूपरेखा के प्रभावी निर्धारण को सुनिश्चित करने, और इस संदर्भ में एक व्यापक संदेश समाज में देने के लिए लोकतंत्र के शीर्ष स्तंभ संसद से बेहतर और कोई स्थान नहीं हो सकता। इसी बात को केंद्र में रखते हुए संसद भवन में राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद (एनईवाईपी) का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के विभिन्न राज्यों के युवा शामिल हो रहे हैं। नई दिल्ली में 16 अप्रैल 2022 को आयोजित होने वाली इस पर्यावरण युवा संसद में देश भर के 12 विश्वविद्यालयों के 140 छात्र प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जो पर्यावरणीय चुनौतियों से लड़ने के लिए न केवल अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, बल्कि देश के आम नागरिकों से इस अभियान में शामिल होने के लिए आह्वान भी करेंगे। राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद (एनईवाईपी) का आयोजन कुछ उसी रूप में किया जा रहा है, जिस प्रकार वास्तविक संसद का संचालन होता है। इस कार्यक्रम में युवा छात्र ही सांसद और स्पीकर की भूमिका में होंगे। युवा पर्यावरण संसद का आयोजन; देश में पर्यावरणीय मुद्दों पर आम जनमानस, विशेषकर युवा पीढ़ी में चेतना जागृत करने, और पर्यावरणीय चुनौतियों से लड़ने के लिए रोडमैप तैयार करने से जुड़ी व्यापक पहल का हिस्सा है।इस महीने उत्तर प्रदेश के युवा सबसे आगे होंगे, जब देश भर के छात्रों के साथ वे संसद भवन परिसर में लगातार बिगड़ते पर्यावरण पर केंद्रित विमर्श के माध्यम से देशवासियों को आगाह करेंगे। शोभित विश्वविद्यालय के छह छात्र उन दर्जनों छात्रों में शामिल हैं, जो 16 अप्रैल को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद (एनईवाईपी) के दौरान पर्यावरणीय मुद्दों पर केंद्रित चर्चा में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
पर्यावरणीय मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए संसद में जुटेंगे देश भर के युवा -रामगोपाल
चार घंटे तक चलने वाली राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद का आयोजन दो सत्रों में किया जाएगा। पहला सत्र में माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला छात्रों के साथ बातचीत करेंगे। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव के साथ पर्यावरण के मुद्दों और जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करने का अवसर भी छात्रों को मिलेगा।
“पर्यावरण को केंद्र में रखकर युवा संसद आयोजित करने के पीछे संगठन का उद्देश्य नई पीढ़ी को ऐसा मंच प्रदान करना है, जिससे उनमें भविष्य में पर्यावरणीय चुनौतियों से लड़ने के लिए दृढ़ भावना एवं नेतृत्व क्षमता विकसित हो सके। रामगोपाल ने कहा पर्यावरण की रक्षा, पर्यावरणीय क्षरण के विश्लेषण, और निगरानी के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय संगठन ‘पर्यावरण संरक्षण गतिविधि’ द्वारा युवा संसद का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर, निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए जा रहे है राष्ट्रीय पर्यावरण संसद में दो प्रायोजक विश्वविद्यालयों के अलावा देश भर के 10 दस क्षेत्रीय विश्वविद्यालय भाग ले रहे हैं। इनमें गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ,छत्तीसगढ़; महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय, उदयपुर; कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय; हरियाणा, और चितकारा विश्वविद्यालय, पंजाब शामिल हैं। गुजरात प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय; महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र को कवर करेगा, जबकि, शोभित इंजीनियरिंग संस्थान; उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड क्षेत्र को कवर करेगा। जैन विश्वविद्यालय; कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल का प्रतिनिधित्व करेगा। वहीं, आरकेडीएफ विश्वविद्यालय; मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेगा, जबकि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय; राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगा। श्री श्री विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों को कवर करेगा।