
(गुरमीत दुग्गल) कुरुक्षेत्र। श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में सेक्टर 7 के कम्युनिटी सेंटर में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के सप्तम दिवस में समिति के संस्थापक अध्यक्ष व प्रसिद्ध कथा वाचक भागवत प्रवक्ता अनिल कुमार शास्त्री वेदाचार्य ने उपस्थित श्रोताओं को रुकमणी मंगल विवाह के पावन अवसर पर प्रवचन में बताया कि भारतीय संस्कृति में 16 प्रकार के संस्कारों का वर्णन किया गया है। आज के परिपेक्ष में प्राय: सभी संस्कार लुप्त होते जा रहे हैं इसके लिए सभी संस्कार करने वाले और न करने वाले भी दोषी है क्योंकि आज के आधुनिकता में पड़ कर संस्कारों को भूलते जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति में जितने भी संस्कार हैं वे सभी विज्ञान पर आधारित है। अगर हम सभी भली-भांति संस्कारों को अपने जीवन में नहीं अपनाएंगे तो परिणाम भविष्य में बहुत भयावह होंगे, इसलिए अपनी संस्कृति और संस्कार को बचाने का प्रयास करें। कथावाचक अनिल शास्त्री ने विवाह पर चर्चा करते हुए बताया कि हमारे धर्म शास्त्रों में आठ प्रकार के विवाह का वर्णन किया गया है विदर्भ राज नरेश की पुत्री महारानी रुक्मिणी का विवाह भाई रुक्मी ने मगध नरेश शिशुपाल के साथ में निश्चित किया था। भाई रुक्मी को यह पता नहीं था कि मेरी बहन रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी की अवतार है। रुक्मिणी को वह सामान्य कन्या समझता था, इसलिए सामान्य जीव के साथ में विवाह करना निश्चित किया किंतु रुकमणी अपने भाई के मानसिक विचारों से पूर्णतया परिचित थी। इसलिए रुक्मिणी ने अपने विवाह हेतु द्वारिकाधीश भगवान श्री कृष्ण को अपने कुल पुरोहित व ब्राह्मण द्वारा एक पत्र भेजा उस पत्र में भगवान श्री कृष्ण की बहुत सारी विशेषताओं का वर्णन करते हुए बतलाया था, कि मैं साक्षात लक्ष्मी की अवतार हूं आप जानते हैं। इसलिए मेरा पानी ग्रहण विवाह आदि संस्कार आपके साथ में होगा तो उचित होगा। अनिल शास्त्री ने कहा कि गुरु, पुरोहित, बंधु बांधव, माता-पिता के द्वारा जो निश्चित किया गया विवाह है वह ब्रह्म विवाह कहलाता है सर्वमान्य शास्त्र सम्मत विवाह है। इस अवसर पर योग संस्थान सेक्टर-7 के सदस्य सहयोगी यजमान सुमन तोमर, रेखा गोयल, मुकेश गुर्जर, शीशपाल गुर्जर रेनू जैन, राधिका, कृष्णा, उमा, मुकेश गोयल, सुनीता, संतोष गुलाटी, इंदु, कृष्णा, राम सिंह राणा, पूर्व पार्षद मोहन लाल अरोड़ा, प्रेम अनेजा, विनोद गुप्ता, मेनपाल चौहान ममता खुराना, प्रिया खुराना, रामदयाल गर्ग, अश्विनी सिंगला एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।