धूप की किरणें बचाएंगी कोविड-19 के खतरे से

Share and Enjoy !

Shares

धूप की किरणें बचाएंगी कोविड-19 के खतरे से

चंडीगढ़। पीजीआई की ओर से की गई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि सुबह 11 से एक बजे तक की धूप सेंकने पर कोविड-19 का खतरा कम हो सकता है। इसके पीछे सूर्य की किरणों से मिलने वाले विटामिन–डी को कारण माना जा रहा है। इंडोक्रोनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एंड हेड डॉ. अनिल भंसाली, डॉ. आशु रस्तोगी, डॉ. निरंजन खरे, डॉ. विकास सूरी, डॉ. नारायण, डॉ. नरेश सचदेवा, डॉ. जीडी पूरी और डॉ. पंकज मलहोत्र की टीम ने यह रिसर्च की है।

डॉ. आशु रस्तोगी ने बताया कि विटामिन डी सप्लीमेंट की हाई डोज से बहुत ही कम समय में संक्रमण से उभरा जा सकता है। यहां तक कि कोरोना संक्रमण की मात्रा को शरीर में कम किया जा सकता है। डॉ. आशु रस्तोगी ने बताया कि पीजीआई ने 40 कोरोना संक्रमित मरीजों को इस शोध में शामिल किया। इन 40 कोरोना संक्रमित मरीजों में विटामिन डी की कमी पाई गई थी। सप्लीमेंट के हाई डोज देकर दो अलग–अलग कैटेगरी में बांटा गया। 60 हजार आईयू की डोज देकर मरीज को ठीक किया जा सकता है। हाल में अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह की रिसर्च हुई थी। 

शोध हुआ था। जिसमें सामने आया कि विटामिन डी कोरोना संक्रमण से बचाव में कारगर है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि व्यक्ति में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में है तो उसे खतरा व गंभीर जटिलता का खतरा कम है। दरअसल, विटामिन डी एक हार्मोन है जिसकी उत्पत्ति हमारी त्वचा सूर्य की किरणों के संपर्क में आने पर करती है। यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है।

थकान, कमजोरी होना,चलते समय घुटनों में आवाज निकलना, मांसपेशियों व हड्डियों में कमजोरी, बेचैनी व व्यवहार में चिड़चिड़ापन, महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता, बाल झडऩा, इम्यून सिस्टम कमजोर होना व कमजोर यादाश्त विटामिन डी की कमी के संकेत हैं। विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए सुबह 11 से 1 बजे तक कम से कम 40 मिनट धूप में बैठना चाहिेए। भोजन में अंडा, दूध प्रोडक्ट, मछली, हरी पत्तेदार सब्जियां लेकर भी विटामिन डी हासिल किया जा सकता है।

About Post Author

Share and Enjoy !

Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published.